आज की ताजा खबर

गांवों की सफाई छोड़ अधिकारियों के कार्यालयों और वाहन चालक तक कैसे पहुंचे सफाई कर्मी?

top-news

स्वच्छ भारत अभियान पर श्रावस्ती में बड़ा सवाल

हेमन्त कुमार श्रीवास्तव/ओम मिश्रा

श्रावस्ती। जिले में सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत अभियान की हकीकत को देख कर आप हैरान रह जायेंगे। क्योंकि यहां पर कई सफाई कर्मी विभागीय अधिकारियों के कार्यालयों में बाबू की कुर्सी पर पिछले काफी समय से विराजमान हैं तथा कई सफाई कर्मी अधिकारियों के सारथी बन उनके वाहन दौड़ा रहे हैं। इसे आप विभाग में कर्मचारियों की कमी कहें या फिर अधिकारियों द्वारा अपने चहेते सफाई कर्मियों को अपने पास चिपकाए रहने का बहाना।

इससे अधिकारियों को तो आराम और सहयोग दोनों मिल रहा है, लेकिन उक्त सफाई कर्मियों के मूल तैनाती स्थल के बारे में सोच कर देखिए, रूह कांप जायेगी। और यदि आप उस गांव तक पहुंच गए तो लौटने पर आपके कपड़े हीं पूरे गांव की स्थिति बयां कर देगी।


कहने का मतलब साफ है कि जिन सफाई कर्मियों की नियुक्ति गांवों को साफ सुथरा बनाने के लिए हुई थी, मगर उन्हें अब विभागीय अधिकारियों से लेकर ग्राम प्रधान के घर तथा ऑफिस की स्वच्छता तक सीमित कर दिया गया है। जिसका नतीजा कई बार गांवों में संक्रामक बीमारी के रूप में देखने को मिला है।

जिससे जनपद के पांच विकास खंडों की करीब 400 ग्राम पंचायतों और लगभग 536 गांवों में नियमित साफ-सफाई व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई सफाई कर्मी अपनी मूल जिम्मेदारी से दूर होकर किसी न किसी कार्यालय में संबद्ध हैं। जिसका नतीजा यह है कि गांवों की नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं, कूड़े के ढेर लगे हैं और सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है।

डीपीआरओ कार्यालय में कई वर्षों से जमे हैं जिला समन्वयक 

डीपीआरओ कार्यालय में लंबे समय से एक जिला समन्वयक के जमे होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से एक हीं स्थान पर तैनाती और लगातार कुर्सी पर बने रहने की व्यवस्था आखिर किस नियम और किस आधार पर चल रही है?यदि कर्मचारियों की तैनाती और संबद्धता नियमों के अनुसार है तो विभाग को इसका सार्वजनिक स्पष्टीकरण देना चाहिए। और यदि सफाई कर्मियों को उनकी मूल जिम्मेदारी से हटाकर कार्यालयों में लगाया गया है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?

डीपीआरओ की भूमिका पर उठे सवाल

जिला पंचायती राज अधिकारी पर ग्रामीण क्षेत्रों की पंचायती राज व्यवस्था, स्वच्छता और संबंधित प्रशासनिक व्यवस्थाओं की निगरानी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। ऐसे में यदि बड़ी संख्या में सफाई कर्मी अपनी मूल तैनाती वाले गांवों में काम करने के बजाय अन्य स्थानों पर दिखाई दे रहे हैं तो इसकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

https://lokbharti.co.in/ad/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *